32 bit and 64 bit processor and its speed

मित्रो कैसे है आप सब। आज के इस आधुनिक युग कम्प्यूटर और मोबाईल फोन या स्मार्टफोन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। हम सभी किसी न किसी रुप में इसका इस्तेमाल करते है। हम लोग अक्सर यह सुनते है कि यह इंटेल का प्रोसेसर है, इतने मेगाहर्टज या गीगाहर्टज का है, या इस मोबाईल में डुअल कोर, क्वांडकोर या अक्टाकोर, का प्रोसेसर लगा हुआ है। जो 32 बिट या 64 बिट का है। तो आज हम इसी के बिषय में बात करेंगें और और जानेगें की आखिर मेगाहर्टज या गीगाहर्टज 32 बिट या 64 बिट, डुअल कोर, क्वांडकोर या अक्टाकोर, क्या है।

प्रोसेसर क्या है?

प्रोसेसर एक छोटा सा इलेक्ट्ानिक सर्किट होता है। जो कम्प्यूटर या मोबाईल के मदरबोर्ड पर लगा होता है। जो इनपुट को ग्रहण करता है, और उसे प्रोसेस करकेे उसका आउटपुट देता है। प्रोसेसर को एक तरह से कम्प्यूटर या मोबाईल का दिमाग भी कह सकते है। यह बाकि अन्य सभी प्रोग्राम और अन्य सभी हार्डवेयर को कन्ट्ोल करने का कार्य भी करता है। इसी वजह से इसे सेन्ट्ल प्रोसेसिंग यूनिट भी कहते है।
एक छोटे सा प्रोसेसर हर सेकेन्ड मिलियन गणनाओ को करता है। जिसके कारण हम अपने कार्य  को सुचारु रुप से सम्पन्न करते है। इसके गणना करने की क्षमता से ही कम्प्यूटर के कार्य करने की स्पीड को जाना जाता है

प्रोसेसर की क्लाॅक स्पीड

प्रोसेसर की क्लाक स्पीड जो होती है ह केवल प्रोसेसर के स्विरचिंग को बताती है। किसी भी कम्पनी के द्वारा बनाया गया कोई भी प्रोसेसर एक सिक्वेन्स में काम करता है। और इनमेंएक पर्टिकुलर सर्किट लगी होती है, जो एक सीक्वेंस में सभी सर्किट को आन या आफ करती रहती है। अब वह जितनी जल्दी आन या आफ होगा वह उतने ही तेजी से कार्य करेंगा, और हमारा डेटा उतनी ही तेजी से फ्लो होगा। जिससे हमारा कार्य उतनी ही जल्दी सम्पन हो जायेगा।
हम पुराने प्रोसेसर जैसे कोर 2डूओ, पेन्टियेम 4 आदि की स्पीड सुने होगें की 2.2 गीगाहर्टज या 2.8 गीगाहर्टज, की फीक्वेंसी पर कार्य करते थे, और जो नये प्रोसेसर आ रहे है उनकी स्पीड भी 2.2 गीगाहर्टज या 2.8 गीगाहर्टज ही आ रही है। अब इससे यह लगता है कि प्रोसेसर की स्पीड में हम लोगो ने कोई ग्रोथ ही नही किया तो ऐसा नही मित्रो। यह जो फिक्वेंसी है वो यह है कि इस सर्किट में कितनी तेजी से स्वीचिंग हो रही है। लेकिन प्रोसेसर की बनावट भी यह मायने रखती है की जो कार्य पुराने प्रोसेसर पर 4 बार स्वीचिंग करने पर कम्पलीट होती है वह नये प्रोसेसर बनाने के तरीके और उसके के बनावट पर 1 बार के स्वीचिंग में ही कम्पलीट हो जाय। तो मित्रो नया वाला प्रोसेसर पुराने वाले प्रोसेसर से 4 गुना तेज कार्य कर रहा है।
जो हम सुनते है मेगाहर्टज इसका मतलब यह है कि प्रोसेसर का सर्किट 1 सेकेन्ड में 1 मिलियन बार आन और आफ होता है। तथा 1 गीगाहर्टज में प्रोसेसर का सर्किट 1 बिलियन बार आन या आफ होता है।
हम किसी भी प्रोसेसर के स्वीचिंग फिक्वेंसी के आधार पर कम्पेयर नही कर सकते की कौन प्रोसेसर तेज है।

ओवर क्लाकिंग क्या है?

किसी भी प्रोसेसर की फिक्वेंसी को बढा देनी की प्र्िरकया ही ओवर क्लाॅकिंग कहलाती है, इस प्रक्रिया में हम अपने प्रोसेसर की फिक्वेंसी को एक हद तक ही बढा सकते है, लेकिन उसके लिये यह जान लेना बेद
ह जरुर है कि क्या हमारा प्रोसेसर और मदरबोर्ड दोनो ओवर क्लाकिंग को सपोर्ट करते है। ओवर क्लांकिग करने पर हमारा प्रोसेसर की स्वीचिंग स्पीड या पर सेकेन्ड आन आफ की संख्या बढ जाती है।
एन्ड्ायड फोन में  प्रोसेसर की ओवर क्लाकिंग करने के लिये पहले उसे रुट करना पडता है उसके बाद उसमे प्ले स्टोर से कोई भी ओवर क्लाकिंग की साफ्टवेयर डालकर उसे ओवर क्लाक कर सकते है।

प्रोसेसर के कोर क्या है?

एक सामान्य प्रोसेसर में सिगल कोर होता है, अर्थात एक सिंगल सीपीयू है। अब डूअल कोर प्रोसेसर में दो कोर होते है अर्थात इस प्रोसेसर को ऐसे बनाया गया है कि इसके अन्दर समान फिक्वेंसी के दो प्रोसेसर सर्किट बनाये गये हैं, यह एक समय में दो कार्यो को बडी ही आसानी से कर सकता है।
इससे हम सिर्फ नाम से ही समझ सकते है कि किस प्रोसेसर कितना कोर है। जैसे
डूअल कोर में 2 कोर
क्वांड कोर में 4 कोर
हेक्सा कोर में 6 कोर
अक्टा कोर में 8 कोर
डेका कोर में 10 कोर
जिस प्रोसेसर में जितने ज्यादा कोर होगा वह उतना ही सफलता पूर्वक मल्टीटास्किंग को पूर्ण करेंगा।

32 बिट और 64 बिट प्रोसेसर

एएमडी ने 2003 में पहला 64 बिट प्रोसेसर लांच किया, और उसके ठीक 10 साल 2013 एप्पल ने अपन ेमोबाईल फोन के लिये 64 बिट प्रोसेसर ए7 आईफोन 5एस में लांच किया। सन 2014-2015 से लगभग सभी कम्पनीयो ने यह बताना शुरु किया की उनके कम्प्यूटर या मोबाईल में 32 बिट या 64 बिट का फलां प्रोसेस लगा हुआ है।
32 बिट और 64 बिट प्रोसेसर के के अन्तर को निम्न बताये गये तरीको के द्वारा समझा जा सकता है।

मेमोरी एड्रेसिंग –

32 बिट प्रोसेसर सिर्फ 4 जीबी रैम तक ही सपोर्ट करता है क्योकि 32 बिट प्रोसेसर  सिर्फ 4 जीबी रैम में आ सकने वाली डाटा को ग्रहण कर सकता है। यदि आप इससे ज्यादा रैम यूज करना चाहते है तो जैसे 6 जीबी, 8 जीबी, 16 जीबी तो आपको 64 बिट प्रोसेसर लेना पडेगा।

कैलकुलेशन स्पीड –

 32 बिट प्रोसेसर सिर्फ 32 बिट के 2 इन्टीजर पर कार्य करता है, और 64 बिट प्रोसेसर 64 बिट के 2 इन्टीजर पर कार्य करता है। मतलब 64 बिट प्रोसेसर 32 बिट से लगभग दोगुने स्पीड से कैलकुलेशन कर सकता है।

आपरेटिंग सिस्टम – 

यदि आपके फोन या कम्प्यूटर में 64 बिट का आपरेटिंग सिस्टम नही लगा है तो 32 बिट प्रोसेसर और 64 बिट प्रोसेसर दोनो एक समान ही कार्य करेंगे। इसलिये प्रोसेसर के साथ आपका आपरेटिंग सिस्टम भी 64 बिट का होना चाहिये।

एप्लीकेशन साफ्टवेयर- 

अब अगली चीज है की जो साफ्टवेयर हम यूज कर रहे है वह क्या 64 बिट को सपोर्ट कर रह है, यदि वे 64 बिट सपोर्ट कर रहे है तो आपको 64 बिट प्रोसेसर का फायदा मिलेगा अन्यथा 64 बिट के प्रोसेसर और आपरेटिंग सिस्टम के बावजूद आपको कोई खास फायदा नही होगा।

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