rooting-kya-hai

मित्रो क्या आप जानते है की rooting kya hai ? android phone ko kiase root kiya jata  hai ? इससे  क्या-क्या फायदा है, और इससे करने से क्या नुक्सान है| किसी android mobile को root कैसे किया जाता है | आपके इन सभी सवालो के जवाब मेरे इस पोस्ट में मिल जायेगा | तो ध्यान से पढ़िए कही कोई स्टेप मिस न हो जाये | तो चलिए शुरू करते है|

what is rooting ? rooting kya hai ?

rooting को समझाने से पहले आप सभी को यह समझाना होगा ही user कितने प्रकार के होते है ? सामान्यत: यूजर दो प्रकार के होते है | पहले वो जो सिर्फ अपनी जरुरत के सारे कार्य कर सके उन्हें सिंपल यूजर कहते है और दुसरे वो जो अपनी जरुरत के कार्य के साथ – साथ system में modification भी कर सकते है , तो इन्हें super user या administrator कहते है |  आप सभी जानते है की root का मतलब होता है जड़, अर्थात एंड्राइड के main कोड या जड़ तक पहुचने को ही rooting कहा  जाता है| जब कोई normal user किसी operating system का super user का अधिकार प्राप्त कर ले तो इस किया को rooting कहते है |
android mobile में बहुत सी ऐसी चीजे है जिन्हें हम बिना rooting के कर ही नहीं सकते है | जैसे यदि हमें मोबाइल फ़ोन कंपनी के द्वारा आये हुए किसी software को अपने मोबाइल से remove  करना है, तो इसे बिना रूट किये हम नहीं हटा सकते है | 

rooting के फायदे 

  1. root करने के बाद आप अपने एंड्राइड मोबाइल से system file को access कर सकते है | उसमे change कर सकते है| या उन्हें remove कर सकते है |
  2. अन्वाश्यक software को अपने mobile से uninstall करके आप अपने mobile का internal storage को बढ़ा सकते है | 
  3. यदि आपके फ़ोन में लेटेस्ट operating install नहीं हो रहा है तो इससे आप अपने मोबाइल में custom rom को install कर सकते है| जिस भी android का यूज़ हम अपने mobile में करते है उन्हें मोबाइल customize करके बनाई रहती है | और custom rom के द्वारा आप ओरिजिनल android को अपने मोबाइल में इनस्टॉल कर सकते है |
  4. एंड्राइड फ़ोन को अपनी इच्छा अनुसार customize कर सकते है
  5. root किये गए फ़ोन को overclocking के द्वारा उसके processor की स्पीड को बढ़ा सकते है | 

rooting से नुकसान 

  1. rooting करने पर मोबाइल फ़ोन की warranty समाप्त हो जाती है | अर्थात जो मोबाइल फ़ोन rooted होता है| मोबाइल कंपनी के पालिसी के अनुसार वे उसका warranty समाप्त कर देती है |
  2. इस प्रक्रिया के दौरान कभी- कभी  फ़ोन खराब हो जाता है | और हमेश के लिए डेड भी हो सकता है | 
  3. कभी- कभी इस प्रकिया को करते समय फ़ोन की डाटा इरेस हो जाती है | जो दुबारा रिकवर नहीं की जा सकती है |
  4. मोबाइल को root करने के बाद कंपनी के द्वारा आपको कोई भी andoid का अपडेट नहीं मिलेगा |

एंड्राइड को root कैसे करते है ?

पहले के समय में फ़ोन को root करना काफी जटिल प्रक्रिया होती थी | लेकिन अब आप प्ले स्टोर से ऐसे rooting का software अपने फ़ोन में डाउनलोड  कर ले | और उसके द्वारा one click में अपने फ़ोन को आसानी से root कर सकते है |

विशेष नोट – 

rooting करने के पहले आप यह कंफ़र्म कर ले की आप क्या करने जा रहे है | इसको कर के आपको क्या फायदा होगा? क्या वास्तव में आपको इसकी जरुरत है ? या बस ऐसे हे दोस्तों को दिखने के लिए कर रहे है | मेरा यह सुझाव है की यदि आपको rooting की बहुत विशेष जरुरत हो तभी आप अपने फ़ोन को root करे | सिर्फ दिखावे के लिए rooting न करे|  root करने के बाद फ़ोन की warranty समाप्त हो जाती है| और बहुत से केसेस में ऐसा देखा गया है की root करते  वक्त ही  फ़ोन डेड हो गया है| इसीलिए बिना जरुरत और पूरी तरह जाने कभी भी अपने फ़ोन को root न करे |

Conclusion

मित्रो मुझे आशा है की आपको समझ में आ गया होगा की rooting kya hai ? इसके फायदे क्या है ? और इसके नुक्सान क्या है ? क्या जरुरी है फ़ोन को root करना ? इन सभी प्रश्नों के जवाब आपको मिल गया होगा| यदि आपको अपना android फ़ोन root करना ही है तो निचे विडियो में काफी डिटेल से यह बताया गया है की android को कैसे root करे ? 
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धन्यवाद|